यह पूजा किस लिए की जाती है
पितृ दोष पूजा पूर्वजों की आत्मा की शांति और पितृ कर्म से जुड़ी पारिवारिक बाधाओं के निवारण के लिए की जाती है। त्र्यंबकेश्वर में इस विधि में संकल्प, तर्पण, पिंड दान और पितृ शांति मंत्रों का पाठ शामिल रहता है।
परिवार गोत्र, पूर्वजों के विवरण, तिथि चयन और कुशावर्त कुंड पर शास्त्रोक्त विधि से पूजा की पूरी व्यवस्था के लिए मनीष गुरु जी से संपर्क कर सकते हैं।