सेवा का स्वरूप
सभी पूजा और अनुष्ठान वैदिक परंपरा तथा त्र्यंबकेश्वर की स्थानीय विधि के अनुसार किए जाते हैं। फल श्रद्धा, कर्म और सहभागिता पर निर्भर करता है।
सेवा की शर्तें - मनीष गुरु जी त्र्यंबकेश्वर की वैदिक पूजा सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण जानकारी।
सभी पूजा और अनुष्ठान वैदिक परंपरा तथा त्र्यंबकेश्वर की स्थानीय विधि के अनुसार किए जाते हैं। फल श्रद्धा, कर्म और सहभागिता पर निर्भर करता है।
बुकिंग अनुरोध भक्त से बात करने, तिथि की अनुकूलता देखने और व्यवस्था तय करने के बाद ही अंतिम माना जाता है।
भक्तों से सात्विक अनुशासन, समय पर आगमन और संकल्प हेतु सही विवरण देने का अनुरोध है।
शास्त्रोक्त विधि से पूर्ण होने वाले विशेष पूजन एवं अनुष्ठान।
कुंडली में कालसर्प योग के कारण आने वाली बाधाओं, करियर में देरी और पैतृक ऋणों के निवारण हेतु विशेष त्र्यंबकेश्वर वैदिक पूजन।
पूर्वजों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पवित्र कुशावर्त कुंड पर किया जाने वाला विशेष विधि-विधान पूजन।
अकाल मृत्यु, दुर्घटना या अज्ञात बाधाओं से पीड़ित आत्माओं की शांति और प्रेत बाधा निवारण के लिए अत्यंत प्रभावी विशेष शास्त्रोक्त पूजा।
सर्प हत्या दोष, संतान सुख में बाधा और पैतृक कष्टों से मुक्ति के लिए तीन दिनों तक चलने वाला त्र्यंबकेश्वर का सबसे महत्वपूर्ण एवं शक्तिशाली अनुष्ठान।
तीन पीढ़ियों (पिता, दादा, परदादा) के अतृप्त पितरों की मुक्ति, प्रेत योनि से उद्धार और वंश वृद्धि में रुकावट दूर करने हेतु विशेष श्राद्ध कर्म।
भगवान शिव की विशेष कृपा, आरोग्य लाभ, आर्थिक समृद्धि और घर की नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए पंचामृत से किया जाने वाला पवित्र अभिषेक।
असाध्य रोगों से मुक्ति, दीर्घायु की प्राप्ति, अकाल मृत्यु के योग टालने और नकारात्मक शक्तियों से पूर्ण रक्षा के लिए सवा लाख महामृत्युंजय मंत्रों का अनुष्ठान।
कुंडली के प्रतिकूल ग्रहों के दुष्प्रभाव को दूर करने, साढ़ेसाती व ढैय्या के संकटों से बचने और जीवन में सफलता प्राप्ति हेतु नवग्रह पूजन।
पुरुषों की कुंडली में मांगलिक दोष होने, विवाह में अत्यधिक देरी होने या वैवाहिक जीवन के कष्टों को दूर करने के लिए किया जाने वाला अर्क विवाह।
स्त्रियों की कुंडली में प्रबल वैधव्य दोष, मांगलिक दोष या विवाह विच्छेद के योगों को समाप्त कर सुखद दाम्पत्य जीवन की प्राप्ति के लिए कुंभ विवाह।